विक्रमादेवोत जोधा राठौड़ ठिकाना झाक✓✓
पूर्व ठाकुर साहब अमर सिंह जी जोधा!!
रावमालदेव जी जोधपुर के महाराजा [52 युद्ध के विजेता] उनके 13 पुत्र हुए उनमे से मोटा राजा उदय सिंह ने जोधपुर पे अधिकार किया और दूसरे सभी भाई अलग होगये और अपनी अपनी जागीर लेने चले गए उनमें ठिकाना झाक के पूर्वज कुंवर विक्रमादित जिन्होंने सोजत राज्य पे अधिकार जमाया और युद्ध में वो शाहिद होग्ये और उनके पुत्र असल दास जी ने वापिस युद्ध किया और खेरवा की 12 गांव जागीर पे अधिकार कर लिया फिर उन्हे धोखे से मार कर जागीर लेली और असल दास जी के पुत्र ठाकुर साहब हरी दास जी ने खुड़ियाला जागीर प्राप्त की ओर उनके 1 पुत्र हुए ठाकुर सावल दास जी जिन्होंने जोधपुर महाराजा अभय सिंह जी के साथ अहमदाबाद पे युद्ध किया और उनकी वजह से अहमदाबाद पे जीत हुए उसकी वजह से सावल दास जी और उनके कुंवर अमर सिंह जी [1] को 2 जागीर इनायत की झाक और उतरन उसके बाद महाराजा अजीत सिंह जी के कुंवर आनंद सिंह जी और राय सिंह जी गावों में लूट करने लगे उनके साथ ठाकुर साहब अमर सिंह के कुंवर नारायण दास जी भी थे उसकी वजह से महाराजा वगत सिंह जी नाराज होग्ये और दोनो गांव झाक और उतरन की जागीर वापिस लेली फिर ठाकुर साहब नारायण दास जी और उनके भाई उदय सिंह जी तीन [3] गांव के साथ जालोर पे चढ़ाई की ओर वहा ठाकुर नारायण दास जी काम आग्ये और उदय सिंह जी को 8 घाव लगे और उन्होंने खुडारा मंडला के मुसाइब का गला काट के महाराजा के सामने पेश किया उसकी वजह से महाराजा बीजे सिंह जी ने झाक वापिस दिया उसके बाद उदय सिंह जी वहा झुंजार होग्य और वहा उनका मंदिर बना दिया ..!! ठाकुर साहब नारायण दास जी के 2 पुत्र हुए फतेह सिंह जी और जोरावर सिंह जी और फतेह सिंह जी युद्ध में झुंजार होग्ये ओर उनके भाई जोरावर सिंह जी ठाकुर साहब बने और जोरावर सिंह जी री झाक री रेख सेखरि माफ करी और झाक जूनी जागीर रही !!!
भंवर सतीपाल सिंह जोधा ठिकाना झाक 🖊️

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